Anchahi Pregnancy Rokne Ke Liye Upay - All You Wanna Know In Hindi By Shubham Chauhan

Anchahi Pregnancy Rokne Ke Liye Upay


सिर्फ एक गोली !

क्‍या आप जानती है कि आपके लिए कौन-सा  कॉन्‍ट्रासेप्टिव (Contraceptive Pills)
सबसे सही है? कही आप विज्ञापनों को देख या सुनकर कॉन्‍ट्रासेप्टिव का इस्‍तेमाल तो नही कर रही ? बाजार में मौजूद कॉन्‍ट्रासेप्टिव के अन्‍य विकल्‍पों के बारे में भी जानती है आप! विशेष जानकारी के लिए एक्‍सपर्ट की राय.................
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पहला बच्‍चा कब! दूसरे बच्‍चे में कितने साल का अंतर !
 
एक बच्‍चा या दो बच्‍चा........  फैमिली प्‍लानिंग अब महिलाएं काफी सोच-समझकर करने लगी है। इस बदलाव के पीछे की वजह है, कॉन्‍ट्रासेप्टिव तकनीक (अनचाही प्रेग्‍नंसी को रोकने की तकनीक) को लेकर उनकी जागरुकता। उनको पता है कि कैसे प्रेग्‍नेंसी को रोकना है ?   सबसे खास बात यह है कि आज उनके सामने कॉन्‍ट्रासेप्टिव के कई सारे विकल्‍प है, जिसे वे डॉक्‍टर की सला‍ह पर इस्‍तेमाल भी कर रही है । हालांकि कुछ महिलाएं बिना डॉक्‍टरी सलाह के ही इसका इस्‍तेमाल करती है, जो गलत है। इस बारे में स्‍त्री रोग विशेषज्ञ डॉ शानू गैरोला कहती है, बाजार में दो तरह के कॉन्‍ट्रासेप्टिव तकनीक मौजूद है। एक रेग्‍यूलर कॉन्‍ट्रासेप्टिव पिल्‍स और दूसरी इमरजेंसी पिल्‍स। इन दोनों का काम एक ही है प्रेग्‍नेंसी को रोकना, लेकिन इसके इस्‍तेमाल का तरीका अलग-2 है। ज्‍यादातर महिलाओं को इन दोनों में फर्क भी पता नही होता है और इसका गलत इस्‍तेमाल उनको नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में कोई भी कॉन्‍ट्रासेप्टिव चुनने से पहले डॉक्‍टर की सलाह जरूरी है। अन्‍यथा प्रेग्‍नेंसी को लेकर आगे समस्‍याएं भी हो सकती है।

ये है विकल्‍प

 ओरल कॉन्‍ट्रासेप्टिव- रेग्‍यूलर कॉन्‍ट्रासेप्टिव पिल्‍स में ओरल पिल्‍स सबसे मुख्‍य है । सबसे मुख्‍य है। अनचाही प्रेग्‍नेसी से बचने के लिय ज्‍यादातर महिलाएं इसी तकनीक का इस्‍तेमाल करती है। यह दुनिया में प्रेग्‍नेंसी से बचने का सबसे
प्रचलित तरीका है। इसे लेना आसान भी है और ये सस्‍ती भी है, लेकिन बिना डॉक्‍टर की सलाह के इसे न लें, क्‍योकि ये सबको सूट नही करती । यह गोली महीने में 21 दिन खानी िहोती है। इन गोलियों का सेवन पीरियड्स के पाचवें दिन से किया जाता है। अगर सही ढंग से इसे लिया जाए, तो यह सुरक्षित है। लेकिन इसे नियमित लें। अगर किसी दिन आप इसे लेना भूल जाती है,तो अगले दिन आप दो टैबलेटस ले । इसमें भी हार्मोनल और नॉन हार्मोनल दो विकल्‍प है। अगर आपकी उम्र 35 साल से कम है और आप पूरी तरह से स्‍वस्‍थ है, लेकिन कुछ समय तक बच्‍चा नही चाहतीं,
तो डॉक्‍टर की सलाह पर दसका इस्‍तेमाल कर सकती है। मगर आपका वजन ज्‍यादा है, हृदय,लिवर,अस्‍थमा ,ब्‍लड प्रेशर आदि की समस्‍या है,तो हार्मोन बेस्‍ड कॉन्‍ट्रासेप्टिव पिल्‍स न लें। खासकर आपकी उम्र 35 से ज्‍यादा है और साथ में कुछ मेडिकल समस्‍याएं भी है, तो आापके लिए नॉन हार्मोनल कॉन्‍ट्रासेप्टिव पिल्‍स लेना सही रहेगा। मगर इसके लिए डॉक्‍टर की सलाह जरूर लें। वैसे हार्मोन बेस्‍ड गोलियां हार्मोन्‍स को ठीक रखती है और महिलाओं को होने वाली कुछ बीमारियों से भी सुरक्षा प्रदान करती है। पीरिसड्स में होने वाले दर्द कम करने, पीरियड्स नियमित करने जैसे फायदे भी इनसे होते है। नुकसान बस इतना हैकि अगर एक भी गोली खाना आप भूल गई, तो गर्भ ठहर सकता है। इसलिए इन्‍हे रोजाना लेना बेहद जरूरी है।
सावधानी- दूध पिलाने वाली महिलाएं या वैसी महिलाएं, जिनको गर्भाशय या पेट से संबंधित कोई समस्‍या है, उनको कॉन्‍ट्रासेप्टिव पिल्‍स का सेवन नही करना चाहिए। दूध पिलाने वाली महिलाएं डॉक्‍टर की सलाह पर, इसकी जगह मिनी पिल्‍स का इस्‍तेमाल कर सकती है। किशोरावस्‍था में इस गोली का सेवन नही करना चाहिए, क्‍योकि इसके सेवन से माहवारी पर बुरा असर पड सकता है।


इमेरजेंसी पिल्‍स कितना सुरक्षित-

प्रेग्‍नेंसी को रोकने के लिए इमरजेंसी पिल्‍स भी कुछ महिलाएं लेती है, लेकिन इसका इस्‍तेमाल केवल आपात समय के लिए होता है। इसे मॉर्निंग आफ्टर पिल भी कहा जाता है।
इसमें प्रोजेस्‍ट्रॉन और एस्‍ट्रोजेन दोनो हार्मोन्‍स होते है, जो गर्भ को ठहरने नही देते, लेकिन इसे डॉक्‍टर की सलाह पर ही लें। इस पिल्‍स को सेक्‍स के बाद 72 घण्‍टे के अंदर तक लेना चाहिए। मगर महीने में एक या दो बार से ज्‍यादा इसे न लें, क्‍योकि इससे ज्‍यादा इस्‍तेमाल सेहत के लिए नुकसानदेह भी हो सकता है।
सुझाव- कॉन्‍ट्रासेप्टिव पिल्‍स के सेवन से वजन बढने की आशंका अधिक रहती है। मुंहासों की समस्‍या भी हो सकती है। शुरूआत में उल्‍टी, जी मिचलाने जैसी समस्‍याएं हो सकती है। मगर लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहती है, तो डॉक्‍टर से संपर्क करें। किसी भी गर्भनिरोधक गोली को लंबे समय तक नही लें। डॉक्‍टर की सलाह पर आपको कुछ महीने का अंतराल ले लेना चाहिए, अन्‍यथा इसका दुष्‍प्रभाव भी हो सकता है।



इंजेक्‍शन भी है एक विकल्‍प-

 गोलियों के झंझट से अगर आप बचना चाहती है, तो आप प्रोजेस्‍ट्रॉन युक्‍त कॉन्‍ट्रासेप्टिव के इंजेक्‍शन भी ले सकती है। इसका असर 10 से 13 हफ्ते तक रहता है। इसके बाद आपको फिर से इंजेक्‍शन लेना होगा । गर्भधारण को रोकने के लिए यह भी एक प्रभावी तरीका हो सकता है। यदि आप अपने पहले बच्‍चे को अपना दूध पिला रही है, तो गर्भनिरोधक इंजेक्‍शन की सलाह दी जाती है। इसे लगानें के 24 घंटे बाद से असर शुरू होता है। इस इंजेक्‍शन के लेने से हो सकता है कि आपका कुछ वजन बढे या पीरियड्स अनियमित हो। लेकिन यह समस्‍या भी धीरे-2 नियंत्रित हो जाती है। हॉ, अगर आप कंसीव करना चाहती है, तो कुछ महीने का इंतजार करना पड सकता है।

आईयूडी कॉन्‍ट्रासेप्टिव-

इन तरीकों में कॉपर टी, फ्रीडम फाइव, मल्‍टी लोड जैसे तरीके शामिल है। टी के शेप वाला इंट्रा यूटेराइन डिवाइस यानी आईयूडी कॉपर या प्‍लास्टिक का बना होता है, जिसे महिला के यूट्रस में लगाया जाता है, जिससे गर्भ न ठहरें
। अगर आप लंबे समय तक बच्‍चा नही चाहती, तो आईयूडी आपके लिए अच्‍छा विकल्‍प है। ये कुछ महीनों से लेकर 10 साल तक चलता है। हालांकि आईयूडी  को लगाने के कुछ दिनों बाद आपको ऐंठन महसूस हो सकती है या कम ब्‍लीडिंग की शिकायत भी हो सकती है। कई बार पीरियड्स नियमित नही होते, वहीं कुछ महिलाओं को ज्‍यादा ब्‍लीडिंग भी होती है। इंट्रा युटेराइन कॉन्‍ट्रासेप्टिव डिवाइस यानी कॉपर टी डॉक्‍टर द्वारा लगाई जाती है और जब भी आप गर्भधारण करना चाहें इसे निकाल दिया जाता है।
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इंप्‍लांट्स तकनीक-

इंप्‍लांट्स एक बेहद पतली प्‍लास्टिक की रॉड की तरह होती है, जिसे बांह में त्‍वचा के नीचे फिट कर दिया जाता है। जो शरीर में लगातार प्रोजेस्‍ट्रॉन का स्‍त्राव करता रहता है। यह कॉन्‍ट्रासेप्टिव इंप्‍लांट तीन से पांच साल तक आपको अनचाहे प्रेग्‍नेंसी से बचाते है। इसमें प्रोजेस्‍ट्रॉन होता है, जो गर्भधारण को रोक देता है। हालांकि यह तकनीक भारत में फिलहाल उपलब्‍ध नही है, मगर बाहर के देशों में इसे सबसे सुरक्षित विकल्‍प माना जाता है।
Anchahi Pregnancy Rokne Ke Liye Upay Anchahi Pregnancy Rokne Ke Liye Upay Reviewed by Shubham Chauhan on 3:26 pm Rating: 5

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